Guru Ka Kark Rashi Me Gochar 2025: छोटी दिवाली के दिन बृहस्पति कर्क राशि में गोचर कर रहे हैं, जो बेहद खास रहने वाला है। इस गोचर का प्रभाव देश-दुनिया पर देखने को मिलेगा। सभी 12 राशियों पर भी इस गोचर का अलग-अलग असर पड़ेगा। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं….
Jupiter Transit in Cancer 2025: वर्ष 2025 में बृहस्पति ग्रह का गोचर विशेष रहेगा, क्योंकि इस दौरान वे तीन राशियों का भ्रमण करेंगे। बृहस्पति एक राशि में लगभग एक वर्ष तक रहते हैं, लेकिन इस बार वे वृषभ, मिथुन और कर्क तीनों राशियों में भ्रमण करेंगे। साल की शुरुआत में बृहस्पति वृषभ राशि में थे, फिर 15 मई से 19 अक्तूबर तक मिथुन राशि में स्थित रहें और अब 19 अक्तूबर 2025 को दोपहर 12:57 बजे बृहस्पति कर्क राशि में प्रवेश करेंगे, जहां 11 नवंबर को वक्री होकर 4 दिसंबर को फिर मिथुन राशि में लौट जाएंगे।
भारत पर प्रभाव
चंद्र राशि के अनुसार देखें तो बृहस्पति द्वादश भाव में रहेंगे, जिससे आर्थिक उतार-चढ़ाव की संभावना बनती है। ब्याज दरों में बढ़ोतरी या कर-नीतियों में बदलाव देखने को मिल सकता है। सकारात्मक पक्ष यह है कि विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में सुधार होगा, जिससे अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे मज़बूत हो सकती है। कुल मिलाकर बृहस्पति का यह गोचर भारत के लिए मिले-जुले परिणाम देने वाला रहेगा।
12 राशियों पर प्रभाव और उपाय
बृहस्पति चौथे भाव में गोचर करेंगे। यह स्थिति परिवार, माता और घर से जुड़ी है। इस समय भावनात्मक अस्थिरता, घर में मतभेद या वाहन संबंधी समस्या आ सकती है। हालांकि बृहस्पति उच्च राशि में हैं, इसलिए धीरे-धीरे शांति और स्थिरता आएगी। इस बीच लाभ के रूप में प्रॉपर्टी खरीद-बिक्री में सफलता, मानसिक शांति और पारिवारिक सहयोग मिल सकता है।
उपाय- घर में तुलसी लगाएं और प्रतिदिन जल चढ़ाएं।
वृषभ राशि
मिथुन राशि
कर्क राशि
आपके पहले भाव में उच्च गुरु का गोचर अत्यंत शुभ रहेगा। आत्मविश्वास बढ़ेगा, जीवन में सकारात्मक बदलाव आएंगे। नई नौकरी, प्रमोशन या विवाह के योग बन सकते हैं। सेहत में सुधार होगा। ऐसे में यश, सम्मान, और आत्मबल में वृद्धि होगी।
उपाय- मंदिर में चने की दाल और गुड़ चढ़ाएं।
सिंह राशि
सिंह राशि के लिए बृहस्पति द्वादश भाव में रहेंगे, जो खर्च और विदेश यात्रा का संकेत देता है। इस दौरान खर्चे बढ़ेंगे, लेकिन विदेश से लाभ या आध्यात्मिक उन्नति भी संभव है। इस बीच आपको स्वास्थ्य पर ध्यान देना होगा। नींद पूरी न होने से समस्या हो सकती है।
उपाय- हर गुरुवार को पीपल की जड़ में जल चढ़ाएं और हनुमान चालीसा पढ़ें।
कन्या राशि
आपके लाभ भाव में बृहस्पति का गोचर अत्यंत शुभ रहेगा। नए प्रोजेक्ट, व्यापार और करियर में सफलता मिलेगी। मित्रों से सहयोग और सम्मान प्राप्त होगा। इस दौरान आपका विवाह, संतान और समाज में प्रतिष्ठा के लिए शुभ संयोग बन रहे हैं।
उपाय- तांबे का कड़ा पहनें और पीले फूल चढ़ाएं।
तुला राशि
कर्म भाव (दशम भाव) में बृहस्पति का गोचर हो रहा है, जिसे बहुत शुभ नहीं माना जाता, लेकिन जो जातक अपने कार्य में निरंतर प्रयासरत हैं या जिनका काम यात्राओं से जुड़ा है, उनके लिए यह अवधि लाभदायक साबित हो सकती है। नौकरीपेशा जातकों को कुछ संघर्षों के बाद अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। खर्चे बढ़ सकते हैं और मान-सम्मान में अस्थिरता रह सकती है, लेकिन बृहस्पति की उच्च स्थिति अंततः आपके सच्चे प्रयासों को व्यर्थ नहीं जाने देगी।
उपाय- हर शनिवार मंदिर में 8 बादाम चढ़ाएं और “ॐ ब्रह्म बृहस्पतये नमः” का जप करें।
वृश्चिक राशि
बृहस्पति का कर्क राशि में गोचर आपके भाग्य भाव (नवम भाव) में हो रहा है, जो अत्यंत शुभ माना गया है। यह गोचर भाग्यवृद्धि, धार्मिक कार्यों में रुचि और मान-सम्मान की प्राप्ति का संकेत देता है। विद्यार्थियों को शिक्षा में उत्कृष्ट परिणाम मिलेंगे, और संतान से जुड़े मामलों में भी सुखद समाचार प्राप्त होंगे। पंचम भाव का स्वामी बृहस्पति उच्च राशि में होने से आपकी रचनात्मकता और निर्णय क्षमता बढ़ेगी। यह गोचर करियर और वित्तीय दृष्टि से भी सहायक रहेगा।
उपाय- मांस, मदिरा और अंडे का त्याग करें तथा प्रतिदिन मंदिर जाकर दीपक जलाएं।
धनु राशि
आपके लिए अष्टम भाव में बृहस्पति का गोचर चुनौतीपूर्ण स्थिति मानी जाती है। इस दौरान स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना आवश्यक रहेगा विशेषकर पाचन और मानसिक तनाव से जुड़े मामलों में। हालांकि जो लोग अध्यात्म, योग या ध्यान में रुचि रखते हैं, उन्हें इस समय गहन आत्मचिंतन और आध्यात्मिक प्रगति के अवसर मिलेंगे।
उपाय- शनिवार को चार जटा वाले नारियल बहते जल में प्रवाहित करें।
मकर राशि
सप्तम भाव में बृहस्पति का गोचर विवाह, साझेदारी और संबंधों के लिए शुभ मानी जाता है। सप्तम भाव में उच्च बृहस्पति आत्मविश्वास, निर्णय क्षमता और व्यवहार में संतुलन लाएंगे। विवाहित जीवन में मिठास बढ़ेगी और अविवाहित जातकों के लिए विवाह प्रस्तावों की संभावना रहेगी। बृहस्पति का यह स्थान धार्मिक रुचियों को भी प्रोत्साहित करेगा।
उपाय- नियमित रूप से भगवान शिव की पूजा करें और गोमूत्र या गंगाजल से रुद्राभिषेक कराएं।
कुंभ राशि
कर्क राशि में बृहस्पति आपके छठे भाव में गोचर कर रहे हैं, कुछ चुनौतीपूर्ण परिणाम दे सकता है। हालांकि लाभ और धन भाव का स्वामी उच्च राशि में होने से आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी। कार्यक्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, परंतु आप अपने बुद्धिमत्तापूर्ण निर्णयों से सफलता प्राप्त करेंगे। स्वास्थ्य और सरकारी मामलों या कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में सावधानी रखें।
उपाय- किसी वृद्ध पुजारी या ब्राह्मण को पीले वस्त्र और हल्दी का दान करें।
मीन राशि
आपके पंचम भाव में बृहस्पति का गोचर हो रहा है, जो अत्यंत शुभ फल देने वाला माना गया है। शिक्षा, प्रेम और संतान से जुड़े मामलों में सफलता मिलेगी। विद्यार्थियों को उत्कृष्ट परिणाम मिलेंगे। प्रेम संबंधों में स्थिरता आएगी और विवाह योग्य जातकों के लिए शुभ समाचार मिल सकता है। कर्मेश बृहस्पति का पंचम भाव में उच्च होना करियर में तरक्की और पदोन्नति का योग बना रहा है।
उपाय- किसी भी प्रकार का मुफ्त उपहार स्वीकार न करें। हर गुरुवार भगवान विष्णु को पीले फूल अर्पित करें।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए smtv.in/astrograh/ उत्तरदायी नहीं है।